Asaram Bapu Ka Goonda Raj - Instablogs
Asaram Bapu Ka Goonda Raj
Mahender Chawla , Panipat: Jan 2 2009
India :

Ajmer

आसाराम बापू के चार शिष्य गिरफ्तार

पुष्कर।संत आसाराम बापू के चार शिष्यों को पुलिस ने सोमवार को हथियारों से लैस होकर पंचकुंड के पास स्थित आम वाले बाबा के आश्रम पर कब्जा करने के प्रयास में गिरफ्तार कर लिया। आश्रम की साध्वी का कहना है कि चारों की मंशा उन्हें रास्ते से हटाकर आश्रम पर कब्जा करने की थी लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। तेरह बीघा क्षेत्रफल के आश्रम की जमीन की कीमत करीब 9 करोड रूपए आंकी जा रही है।

तीर्थराज पुष्कर में देश के प्रख्यात संत आसाराम बापू का आश्रम और उनके शिष्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोमवार को बापू के चार शिष्य तलवार व लाठियों से लैस होकर बापू के पंचकुंड आश्रम के ठीक पीछे तेरह बीघा क्षेत्रफल में फैले आम वाले बाबा (स्वामी योगानन्द) आश्रम मे प्रवेश कर गए।

आरोप है कि उनका इरादा आश्रम की महंत साध्वी बालानन्दपुरी को रास्ते से हटाकर आश्रम पर कब्जा करना था। हथियारों के साथ चार अजनबियों को आश्रम में देखकर साध्वी के शिष्यों में दहशत फैल गई। चारों युवकों ने सबसे पहले अलग-अगल मोर्चा संभाला। इनमें से एक युवक साध्वी के कमरे के सामने आकर बैठ गया तथा अन्य तीन अन्यत्र जाकर बैठ गए। इससे पहले कि चारों शिष्य कोई घटना को अंजाम देते, थानाघिकारी रामेश्वर लाल भाटी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने चारों को तलवार व लाठियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।

ये हुए गिरफ्तार

बिहार के भागलपुर जिले के मनोहरपुरा गांव के 29 वर्षीय बहादुर सिंह को धारदार तलवार के साथ आम्र्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा बिहार के ही बौद्धगया जिले के छांज गांव निवासी 24 वर्षीय गौतम, गुजरात के बडौदा के तरसाली निवासी 25 वर्षीय मनोज राजपूत व छत्तीसगढ के राजनान्द गांव के अखिलेश साहू को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने मौके पर पहुंच आश्रम के पडौसियों तथा साध्वी से पूछताछ की। मामला जानमाल व आश्रम की करोडों की जमीन से सीधा जुडा होने से पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है।

बापू के शिष्यों ने आरोपों को नकारा
पुष्कर के पंचकुण्ड आश्रम के संचालक भीम सेन ने गिरफ्तार किए गए चारों युवकों के बापू के शिष्य होने की पुçष्ष्ट करते हुए साध्वी की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि आश्रम का स्वामित्व आम वाले बाबा की शिष्या का ही है। साध्वी ने बापू के ट्रस्ट के नाम से संकल्प पत्र लिखा था। उसके बाद शिष्यों ने अपने स्तर पर बिजली लगवाकर आश्रम में पेड पौधे लगवाए तथा विकसित किया। भीमसेन का कहना है कि अब तक किया गया खर्चा लौटाने पर वे आश्रम से हटने को तैयार हैं।

पूर्व में भी हुआ झगडा
वर्ष 1998 में पंचकुंड आश्रम में बापू के दर्शन करने गए स्थानीय शिष्यों के साथ बापू के प्रभावशाली शिष्यों ने मारपीट की थी। इसके विरोध में पुष्कर के बाजार बन्द हुए थे। घटना को लेकर बापू के खिलाफ पुष्कर न्यायालय में करीब चार वर्ष तक अपराघिक मुकदमा चला तथा बाद में राजीनामा हुआ था।

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