Asaram Bapu son Narayan Sai n Valentine’s Day(आसाराम बापू का लडका नारायण साँई)
दोस्तो जैसा कि आप लोग जानते हैं कि १४ फरवरी को Valentine’s Day के रूप मे मनाया जाता है और भारत मे कई शहरों में ईसका विरोध भी किया जाता है. भारत मे कई ऐसी संस्थाऐ हैं जो कि Valentine’s Day का विरोध करती हैं एंव सफल भी रहती है.
लेकिन इस बार आसाराम बापू ने भी पहली बार जब इसका विरोध किया तो बात कुछ हजम नही हुई क्योंकि आसाराम बापू का लडका नारायण साँई खुद Valentine’s Day मनाता है तो फिर इस बार आसाराम इसका विरोध क्यो कर रहा है ??????????????
आप सभी लोग जानते है कि इस दिन लडका - लडकी या फिर कोई भी एक दुसरे को लाल गुलाब का फूल देकर अपनी मोहब्त का इजहार करते हैं. ऐसा नही है कि आसाराम आश्रम मे यह प्रथा नही है, आसाराम आश्रम मे भी
आसाराम बापू का लडका नारायण साँई भी अपने आश्रम मे रहने वाली कुछ लडकियो को १४ फरवरी यानी Valentine’s Day वाले दिन प्रसाद के रूप मे लाल गुलाब का फूल देता है और कुछ लडकियो से लाल गुलाब के फूलों की माला स्वीकार भी करता है. अब आप लोग स्वयं आसाराम बापू के लडके नारायण द्वारा लिए व दिए जाने वाले लाल गुलाब के फूलो का अर्थ समझ सकते हैं.
एक तरफ तो आसाराम का लडका Valentine’s Day का मजा ले रहा है और दूसरी तरफ आसाराम ईसका विरोध कर रहा है ईस बात मे क्या राज छिपा हुआ है??????????????
आज ही मैने Net पर 12 feb का Times of India पढा तो पता चला कि आसाराम के लोगों ने पंजाब यूनिवर्सिटी मे Valentine’s Day के विरोध मे पर्चे बाँटे और ..
Pls visit on......http://timesofindia.indiatimes.com/Chandigarh/PU_authorities_demands_explanation_from_Asaram_followers/articleshow/4114918.cms
इस ढोंगी आसाराम का लडका यानि कलयुगी,ढोंगी व पाखंडी जो कि खुद को भगवान श्री कृश्ण का अवतार बोलकर और लडकियो को अपनी गोपी बताता है एवं उनमे अँधविश्वास फैलाकर उनकी भावनाओं से खेलता है और अब दुनिया को जब इसकी हकीकत पता चल गई है तो ये आज Valentine’s Day का विरोध करने लगा है.
क्या आज से पहले Valentine’s Day नही मनाया जाता था या फिर आसाराम सोया हुआ था ???????????????? जब आसाराम की सच्चाई सामने आई तो आज ये Valentine’s Day का विरोध करने लगा है. अब आसाराम अपनी काली करतूत छिपाना चाहता है.
अब देखिये आसाराम एक तरफ तो लोगो को माता-पिता की सेवा का उपदेश देता है और दुसरी तरफ कितने ही माता-पिता ऐसे हैं कि जिनके बच्चे आसाराम के आश्रम मे गुलामो की तरह रहते हैं और माता पिता रो रहे है,तडफ रहे हैं और उनके बच्चो का ईन्तजार कर रहे हैं कि कब उनका बेटा-बेटी घर वापिस आएंगे ?
जैसे दिल्ली की श्रीमती सुमन शर्मा पिछले १४ सालो से अपने बेटे अजय शर्मा के लिए तडफ रही है लेकिन आसराम अजय को अपनी विधवा माँ की सेवा का उपदेश क्यो नही देता.ऐसा ही एक केस संगरूर(पंजाब)का भी सामने आया था. ये तो वो केस है जो सामने आए ऐसे तो न जाने कितने ही माता हैं जो कि अपने बच्चों के रो रहे हैं लेकिन आसाराम उनको क्यों माता-पिता की सेवा का उपदेश नही देता है?????????
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